जब ज़िद पे आ गई पार्वती – Jab Zid Pe Aa Gayi Parvati Lyrics & Meaning
Caption: Parvati Movie Song | Sadhu Tiwari | Hanuman Ansh | Hanuman Bhajan | Jab Zid Pe Aa Gayi Parvati Lyrics | Neem Karoli Baba
“Jab Zid Pe Aa Gayi Parvati” भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति, तपस्या और अटूट संकल्प को दर्शाने वाला लोकप्रिय भजन है। यह गीत 2026 की फिल्म Hanuman Ansh से है और इसे Sadhu Tiwari ने लिखा, गाया और कंपोज किया है। गीत में सप्तऋषि माता पार्वती को भगवान शिव के वैरागी स्वरूप के बारे में समझाते हैं, लेकिन पार्वती जी का शिव को पाने का संकल्प अडिग रहता है। यह माता पार्वती के निश्चल प्रेम, अटूट संकल्प और भगवान शिव के प्रति उनकी अनन्य भक्ति की गाथा प्रस्तुत करता है।
Jab Zid Pe Aa Gayi Parvati Lyrics in Hindi (जब ज़िद पे आ गई पार्वती – हिंदी लिरिक्स)
शम्भु, शिव शम्भु!
भोलेनाथ!
जब ज़िद पे आ गई पार्वती,
पार्वती, पार्वती
समझाने पहुँचे सप्तऋषि,
सप्तऋषि, सप्तऋषि
काय ज़िद कर रहीं,
काय घूमर रहीं,
काय ज़िद कर रहीं,
काय घूमर रहीं,
ऐसे वर के लाने
काय ज़िद कर रहीं,
काय घूमर रहीं,
ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप,
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप!
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
ना खपरा ना छपरा
ना फूस की धरे मड़इया
का खावे को धरो वहाँ
बस रोवत रहत लड़इया
ना खपरा ना छपरा
ना फूस की धरे मड़इया
का खावे को धरो वहाँ
बस रोवत रहत लड़इया
भेष धरे अवधूत फिरे
अब तुमसे का कहे बिन्नू
डोरा डाँगर ले घूमें
वे बिनकें कछुए नइयाँ
वे बिनकें कछुए नइयाँ
काय ज़िद कर रहीं,
काय तप कर रहीं,
काय ज़िद कर रहीं,
काय घूमर रहीं,
ऐसे वर के लाने
हाँ ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप,
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप!
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
शम्भु, शिव शम्भु!
भोलेनाथ!
जटा लटा ना कबहुँ सँवारे
दीसत महा भयंकर,
मूड़ पे आधो चंदा और
बेला पे घूमे शंकर
जटा लटा ना कबहुँ सँवारे
दीसत महा भयंकर,
मूड़ पे आधो चंदा और
बेला पे घूमे शंकर
राम नाम के रसिया हैं वे
और उन्हें क्या चाहने
कामदेव के मर्दनहारी
घर-गृहस्थी क्या जाने
वे घर-गृहस्थी क्या जाने
काय ज़िद कर रहीं,
काय घूमर रहीं,
काय ज़िद कर रहीं,
काय तप कर रहीं,
ऐसे वर के लाने
बिन्नू ऐसे वर के लाने
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप,
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप!
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
जाके सीस पे गंगा और गले में
डारे फिर रहे साँप
इतने सीधे-सादे हैं,
सब कहते भोलेनाथ…
भोलेनाथ!
भोले, बम भोले!
भोले, बम भोले!
भोले, बम भोले!
जय जय शिव शम्भू!
Jab Zid Pe Aa Gayi Parvati Lyrics in English
Shambhu, Shiv Shambhu!
Bholenath!
Jab zid pe aa gayi Parvati,
Parvati, Parvati
Samjhaane pahunche Saptarishi,
Saptarishi, Saptarishi
Kaay zid kar rahin,
Kaay ghoomar rahin,
Kaay zid kar rahin,
Kaay ghoomar rahin,
Aise var ke laane
Kaay zid kar rahin,
Kaay ghoomar rahin,
Aise var ke laane
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp,
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp!
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Na khapra na chhapra
Na phoos ki dhare madaiya
Ka khaave ko dharo wahaan
Bas rowat rahat ladaiya
Na khapra na chhapra
Na phoos ki dhare madaiya
Ka khaave ko dharo wahaan
Bas rowat rahat ladaiya
Bhesh dhare avadhoot phire
Ab tumse ka kahe Binnu
Dora daangar le ghoomein
Ve binke kachhue naiyaan
Ve binke kachhue naiyaan
Kaay zid kar rahin,
Kaay tap kar rahin,
Kaay zid kar rahin,
Kaay ghoomar rahin,
Aise var ke laane
Haan aise var ke laane
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp,
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp!
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Shambhu, Shiv Shambhu!
Bholenath!
Jataa lataa na kabahu sanwaare
Deesat maha bhayankar,
Moodh pe aadho chanda aur
Bela pe ghoome Shankar
Jataa lataa na kabahu sanwaare
Deesat maha bhayankar,
Moodh pe aadho chanda aur
Bela pe ghoome Shankar
Ram naam ke rasiya hain ve
Aur unhein kya chaahne
Kaamdev ke mardanhaari
Ghar-grihasthi kya jaane
Ve ghar-grihasthi kya jaane
Kaay zid kar rahin,
Kaay ghoomar rahin,
Kaay zid kar rahin,
Kaay tap kar rahin,
Aise var ke laane
Binnu Aise var ke laane
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp,
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp!
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Jaake sees pe Ganga aur gale mein
Daare phir rahe saanp
Itne seedhe-saade hain,
Sab kehte Bholenath…
Bholenath!
Bhole, Bam Bhole!
Bhole, Bam Bhole!
Bhole, Bam Bhole!
Jai Jai Shiv Shambhu!
भजन की भावना और अर्थ (Meaning of Bhajan)
“जब ज़िद पे आ गई पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि।”
जब माता पार्वती ने भगवान शिव को अपना जीवनसाथी बनाने का दृढ़ निश्चय कर लेती हैं, तब सप्तऋषि उन्हें समझाने के लिए उनके पास पहुँचते हैं।
सप्तऋषि, माता पार्वती को बताते हैं कि भगवान शिव साधारण सांसारिक जीवन जीने वाले वर नहीं हैं। उनके सिर पर गंगा हैं, गले में सर्प हैं और उनका जीवन राजसी सुख-सुविधाओं से दूर है।
वे शिव के वैरागी स्वरूप का वर्णन करते हुए बताते हैं कि उनके पास न कोई राजमहल है और न ही सांसारिक वैभव। वे साधु के वेश में रहते हैं और तप – साधना तथा राम-नाम के प्रेममें ही लीन रहते हैं।
जो शिव सांसारिक इच्छाओं से ऊपर उठ चुके हैं और जिन्होंने कामदेव पर विजय पाई है, वे गृहस्थ जीवन की सामान्य इच्छाओं को कैसे समझेंगे?
परंतु माता पार्वती का प्रेम, केवल बाहरी आकर्षण पर आधारित नहीं है। वे भगवान शिव के वास्तविक स्वरूप और उनकी दिव्यता को पहचानती हैं।
हर हर महादेव!! 🙏


